अस्थमा के मरीजों के लिए डाइट प्लान (Diet Plan for Asthma Patient)

अस्थमा एक गंभीर बीमारी है, जिसमें रोगी को सांस लेने में बहुत परेशानी होती है। इस रोग में सांस की नली संकीर्ण हो जाती है जिससे मरीजों को सांस लेने में मुश्किल होती है। अस्थमा के मरीजों को मौसम में बदलाव होने पर भी बहुत तकलीफ उठाना पड़ता है। अगर आप भी अस्थमा से पीड़ित हैं, और अस्थमा का इलाज करा रहे हैं, लेकिन उचित लाभ नहीं मिल रहा है, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है। यहां अस्थमा के मरीजों के लिए डाइट प्लान की जानकारी दी जा रही है, ताकि आप अस्थमा से बचाव में पूरी तरह सफल हो पाएं।

अस्थमा रोगी इस डाइट चार्ट को अपनाकर न सिर्फ अस्थमा से बचाव कर सकते हैं, बल्कि खुद को जल्द स्वस्थ भी कर सकते हैं।

अस्थमा (श्वास विकार) रोग में क्या खाएं

अस्थमा (श्वास विकार) से ग्रस्त लोगों का आहार ऐसा होना चाहिएः-

  • अनाज:  पुराना चावल, गेहूं, जौ
  • दाल: मूंग, मसूर, अरहर
  • फल एवं सब्जियां: लौकी, तोरई, कद्दू, करेला, पालक, फूलगोभी, गाजर, बैंगन, बथुआ, टमाटर, मौसमी हरी सब्जियाँ, पपीता, शकरकंद, सेब, जामुन, आम, स्ट्रॉबरी |
  • औषधि: अमृत रसायन, त्रिकटु चूर्ण, गुड़ाद्रक, वासा अवलेह, कण्टकारी अवलेह
  • अन्य: जूस, शतावर, सूरजमुखी, बादाम, जौ, दालचीनी, शुंठी, काली मिर्च ,पीपली, मधु, गुनगुना पानी, लहसुन

अस्थमा (श्वास विकार) की बीमारी में आपका डाइट प्लान 

अस्थमा (श्वास विकार) के इलाज के दौरान सुबह उठकर दांतों को साफ करने (बिना कुल्ला किये) से पहले खाली पेट 1-2 गिलास गुनगुना पानी पिएं। नाश्ते से पहले आवंला व एलोवेरा रस पिएं।

समयआहार योजना शाकाहार)
नाश्ता (8 :30 AM)1 कप दूध के साथ+दलिया (नमकीन) /पोहा /उपमा (सूजी ) /अंकुरित अनाज / 2-3 रोटी  + 1 कटोरी हरी सब्जियां (उबली हुई) 1 प्लेट फलों का सलाद (सेब, जामुन, आम, स्ट्रॉबरी, पपीता)
दिन का भोजन(12:30-01:30 PM)1-2 पतली रोटियां + 1 कटोरी हरी सब्जियां (उबली हुई ) + 1 कटोरी दाल मूंग (पतली ) + 1 प्लेट सलाद
शाम का नास्ता(05:30-06:00 PM)1 कप  +3-4 छुहारा / 4-5 खजूर /सब्जियों का सूप  
रात का भोजन   (7:00-8:00 PM)1-2 पतली रोटियां + 1 कटोरी हरी सब्जियां (उबली हुई ) + 1 कटोरी दाल (मूंग, अरहर, मिश्रित) (पतली)
सोने से (30 mint) पहले1 गिलास दूध + हल्दी

अस्थमा (श्वास विकार) की बीमारी में आपकी जीवनशैली 

अस्थमा (श्वास विकार) की बीमारी में आपकी जीवनशैली ऐसी होनी चाहिएः-

  • धूमपान न करें।
  • पहले खाया हुआ भोजन पचने से पहले भोजन न करें।
  • अत्यधिक व्यायाम न करें।
  • क्रोध, भय, उतावलापन, चिंता न करें।
  • दिन में न सोएं।
  • छींक, पेशाब, प्यास आदि को न रोकें।
  • बारिश-सर्दी और धूल भरी जगह से बचें।
  • ज्यादा ठण्डे और ज्यादा नमी वाले वातावरण में नहीं रहें।
  • घर से बाहर निकलने पर मास्क लगा कर निकलें।
  • सर्दी के मौसम में धुंध में जाने से बचें।
  • ताजा पेंट, कीटनाशक, स्प्रे, अगरबत्ती, मच्छर भगाने का कॉइल का धुआँ, खुशबुदार इत्र से बचें।
  • धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों से दूर रहें।

अस्थमा (श्वास विकार) की बीमारी में ध्यान रखने वाली बातें

अस्थमा (श्वास विकार) से राहत पाने के लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना हैः-

(1) ध्यान एवं योग का अभ्यास रोज करें।

(2) ताजा एवं हल्का गर्म भोजन अवश्य करें।

(3) भोजन धीरे-धीरे शांत स्थान में शांतिपूर्वक, सकारात्मक एवं खुश मन से करें।

(4) तीन से चार बार भोजन अवश्य करें।

(5) किसी भी समय का भोजन नहीं त्यागें, एवं अत्यधिक भोजन से परहेज करें

(6) हफ्ते में एक बार उपवास करें।

(7) अमाशय का 1/3rd / 1/4th भाग रिक्त छोड़ें।

(8) भोजन को अच्छी प्रकार से चबाकर एवं धीरे-धीरे खायें।

(9) भोजन लेने के बाद 3-5 मिनट टहलें। 

(10) सूर्यादय से पहले [5:30 – 6:30 am] जाग जायें। 

(11) रोज दो बार दांतों को साफ करें।

(12) रोज जिव्हा करें।

(13) भोजन लेने के बाद थोड़ा टहलें।

(14)  रात में सही समय पर [9-10 PM] नींद लें।

अस्थमा (श्वास विकार) से बचाव के लिए योग और आसन

अस्थमा (श्वास विकार) से राहत पाने के लिए आप ये योग और आसन कर सकते हैंः-

  • योग प्राणायाम एवं ध्यानभस्त्रिका, कपालभांति, बाह्यप्राणायाम, अनुलोम विलोम, भ्रामरी, उदगीथ, उज्जायी, प्रनव जप।
  • आसन:  गोमुखासन, मर्कटासन, सिंहासन, भुजंगासन।

डॉ. व्ही.बी.खरे

बी.एस.सी. बी. एच .एम. एस, सी. सी .एच ,पी जी डी पी सी ,डी एन वाय एस

होम्योपैथिक विशेषज्ञ , मनोवेज्ञानिक सलाहकार एवं प्राकृतिक चिकित्सा सलाहकार

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